मंगलवार, 5 मई 2009

जीरो आयल : तेल रहित आहार

मारे देश मे नाश्ता या नमकिन तैयार करने के लिऐ खूब तेल-घी इस्तेमाल करने की परम्परा है जो हृदय रोगियो के लिऐ बहुत खतरनाक है। इसलिऐ डॉ विमल छाजेड द्वारा बताए तरीको को अपना कर देखिऐ। आप स्वादिष्ट लजिज भोजन के साथ साथ स्वस्थ-प्रसन्न और फिट रहेगे।


(क) भुनना:- भूनना तथा बेक करना लगभग एक समान है।यह कार्य १२० सेल्सियस डिग्री तथा २६० सेल्सियस डिग्री तापमान के बीच ओवन मे किया जाता है। साधरणतया पापड को भूना जाता है जबकि ब्रेड, केक तथा बिस्कुट पाकाऐ जाते है। भोजन थोड सूखी ऑच पर पकाया जाता है। तथा थोडी नमीदार ऑच पर पकाया जाता है। अगर भोजन अधिक नमीदार है,पकाने के लिऐ भोजन का तापक्रम शुरु मे नमी युक्त होना चाहिऐ ताकि ठण्डे पदार्थ को अनुकुल ताप पर लाया जा सके। कन्वेशन तरगे ओवन के तापमान को एक समान रखती है।इसमे तेल बिल्कुल भी प्रयोग मे नही लाया जाता।

(ख) उबालना:- उअबालने का मतलब है पानी मे पकाना । इस माध्यम मे पानी मे ताप परावर्तित होता है। पानी मे उअबालने का ताप १०० तथा अधिक ताप मान पर भोजन के स्वरुप मे बदलाव आने लगता है।

(ग) भॉप द्वारा पकाना:-

भॉप मे पकाने के लिऐ भॉप एक माध्यम है। यह बिना पानी कि कुकिग है। इस विधि द्वारा पकाने मे नमीदार तापमान की आवश्यकता होती है। भोजन थोडे पानी मे भॉप द्वारा पकाया जा सकता है। तथा पानी रहित कुकिग मे, खाघ प्रदार्थ मे उअपलब्ध पानी को ही भाप के रुप मे प्रयोग किया जाता है। प्रेअशर कुकर एक मात्र ऐसा यन्त्र ह जिसके द्वारा कम समय मे भोजन तैयार किया जाता है। भाप द्वारा भोजन पकाने से खाध पदार्थ कुकर मे निर्मित भाप मे पक जाता है। भाप मे खाध पदार्थ पकने कि प्रक्रिया तब तक चलती है जब तक कि पदार्थ का तापमान भी भाप के तापमान तक नही पहुच जाऐ।


बिना तेल घी के मसाला भुनने का तरिका

बसे पहले आप कडाही को गर्म कीजिऐ। उसमे जीरा डाल कर भूने,जब वह भूरे रन्ग का होने लगे तो और उअसमे खुशबू आने लगे तब उसमे प्याज डालिए और धीरे-धीरे करछी या चमच्च से चलाऐ।जब प्याज थोडा -थोडा चिपकने लगे तब उसमे थोडा-थोडा पानी डालिऐ और फिर चलाऐ ओर उसके बाद लहसुन और अदरक डाले । ये तरिका तब तक दोहराऐ जब तक प्याज हल्का भूरे रंग का ना हो जाऐ।

( नोट :- इसमे पानी एक साथ नही डालेगे क्योकि उसमे उबले हुऐ खाने का स्वाद आने लगेगा)

जब प्याज भूरे का हो जाए तो उसमे पिसा हुआ टमाटार डाल दीजिऐ उसमे थोडा पानी डालकर भूने।तब तक भूनते रहे जब तक वो तेल कि तरह पानी छोडने लगे।
तब उसमे हल्दी डालकर थोडी देर भुने क्यो कि हल्दी को पकाने मे समय लगता है। उसके बाद उसमे नमक,मिर्च, धनिया, डाल कर थोडी देर भूने। अब इसमे आपको जो भी सब्जी या दाल बनानी हो वो डाले ओर पकाए।अब आपकी लजीज सब्ज्जी या दाल बिना ऑयली के तैयार है अब आप इसमे गरम मसाला डाले, और हरे धनिया की पत्ती से सजाऐ।

खाने वाले को मत बाताऐ कि बिना तेल घी कि सब्ज्जी है जो वो खा रहे है आप देखना तेल युक्त सब्जी के स्वाद को भी यह टेस्ट (स्वाद) पछाड देगा .

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अब हम आपको कोई भी एक सब्जी बनाने कि विधि भी बताते है।

मूग दाल

सामग्री

मूग दाल- ५० ग्राम

हरी मिर्च- ०२

मिरच पाउडर- १ चम्मच

राई के दाने- १/२ चम्मच

जीरा- १/२ चम्मच

करी पत्ता- कुछ

नमक स्वाद अनुशार

बनाने कि बिधि

१) मूग दाल को उबाल ले। हरि मिर्च को बारिक काट ले।

२) नमक, मिर्ची पाउडर व हरी मिर्च, दाल मे डाल कर गाढा होने तक पकाऐ।

३) जीरा राइ व करी पत्ता भून कर तैयार दाल मे डाल दे। (कढाई मे)

अब आपकी मूग दाल खाने के लिऐ तैयार है। बताऐ कैसा लगा बिना ऑयल की दाल का।


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मिक्स सब्जी

गोभी- १/२ कटोरी

गाजर- १००ग्राम

शिमलामिर्च- २

आलू- १/२ कटोरी

मटर- ५० ग्राम

नमक- स्वाद अनुशार

मिर्च- १/४ चम्मच

गर्म मसाला- १/४ चम्मच

हल्दी- १/२ चम्मच

धनिया पाऊडर- १/४ चम्मच

धनिया पते थोडे

बनाने कि विधि

१) सारी सब्जीयो को अच्छी तरह से धोकर, काटकर ५-७ मिनट तक भॉप मे पाकाऐ।

२)एक सुखी कढाई मे सारे मसाले भून ले।

३)अब इसमे सारी सब्जियॉ मिलाकर अच्छी तरह पक्का ले

४)धनिया पत्ते से सजा कर गरमागरम परोसे।



मिक्स सब्जी

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प्रस्तुति -: प्रेमलता जी
हे प्रभु यह तेरापंथ

7 टिप्‍पणियां:

बेनामी ने कहा…

nice good

निशांत मिश्र - Nishant Mishra ने कहा…

मान्यवर, हिंदी ब्लॉगिंग जगत में आपका स्वागत है. आशा है कि हिंदी में ब्लॉगिंग का आपका अनुभव रचनात्मकता से भरपूर हो.

कृपया मेरा प्रेरक कथाओं और संस्मरणों का ब्लौग देखें - http://hindizen.com

श्याम सखा 'श्याम' ने कहा…

तुसि तां हर पासे कमाल करदे नज़र आंदे हो साहिब जी-युग्म ते, ते मेरे ब्लॉग गज़ल के बहाने ते टिपण्णियां लई शुक्रिया
दुबारा
खान बनाण दी विधि पसंद आई
श्याम
पर ऐ बाधा वर्ड... तां हटा ई छडो

समय ने कहा…

मज़ा आ गया....वाकई भोजन ही वही प्रेममयी धागा है, जिससे सारी दुनिया जुडी हुई है...

संगीता पुरी ने कहा…

बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

नारदमुनि ने कहा…

narayan narayan

jyotika ने कहा…

kam karne ke swad aur ruchiyan juda juda hain magar jahan jeebh ke swad ki baat aati hai wahan sari duniya ek hai.. kamaal ki baat bata di aapne..main tel se darti hun magar kaise isse peechha chhudaun isi ki jugat me lagi hun.
bana ke dekhungi. shukriya :-)